Tuesday, 16 April 2013

"मेरे विचार मेरी अनुभूति " ब्लॉग की वर्षगांठ

    समय तो अपनी गति से ही आगे बढ़ता है लेकिन हमें लगता है कि समय बहुत जल्दी बीत  गया। मुझे भी आज  ऐसा लग रहा  है  कि एक साल कितने जल्दी बीत गया।  गत वर्ष सोलह अप्रैल को मैंने अपना ब्लॉग "मेरे विचार मेरी अनुभूति "शुरू किया था। समझ में नहीं आ रहा था कि पहले पोस्ट में  क्या लिखूं ? तब ईश्वर  को याद किया, लेकिन ईश्वर कौन है ? कहाँ रहते हैं? कैसा स्वरुप है ? कुछ पता नहीं। तभी मन में विचार आया , क्यों न यही प्रश्न ज्ञानी-गुणीजनों से पूछा जाय ? बस इसीपर कुछ पंक्तियाँ लिखकर पोस्ट  किया था परन्तु किसीने शायद नहीं देखा क्योंकि मैंने इसे साझा नहीं किया था। मुझे साझा करना नहीं आता था इसलिए साझा नहीं किया था।  हँसी की बात है न ? मुझे भी हँसी आती है पुरानी  बात याद करके। खैर सत्रह अप्रैल को मैंने "शिर्डी साईँ बाबा " के एक आरती(भजन) पब्लिश किया। उसे भी किसी ने नहीं देखा, कारण वही कि मैंने साझा नहीं किया था। आज एकवर्ष पूरा होने पर मैं उसी आरती को फिरसे पब्लिश कर रहा हूँ और साझा भी कर रहा हूँ। इस एक वर्ष में  कई लोगो से टेलेफोन पर बातचीत हुई। रविकर जी ,धीरेन्द्र सिंह भदौरिया जी , रश्मि प्रभाजी , कुमार कुसुमेश जी , पूरण खंडेलवाल जी के सुझाव से ब्लॉग को विकसित करने और सही रूप देने में मदत मिली।मैं उन सबका आभारी हूँ।इस एक वर्ष में जिन लोगों ने मेरे ब्लोग्स को अनुशरण किया ,जिन्होंने मेरी रचनायों को पढ़ा और सलाह दी , आलोचना और सृजनात्मक टिप्पणियां देकर मुझे प्रोत्साहित किया  , उन सबको मैं  तह ए  दिल से धन्यवाद  देता हूँ  । आशा करता हूँ आगे भी आपकी अनुकम्पा बनी रहेगी। नए पाठकों और  ब्लोगरों का  हमेशा मेरे ब्लॉग में हार्दिक स्वागत है। आप जैसे  प्रबुद्ध पाठकों की सृजनात्मक टिप्पणियां और आलोचना ही मेरा मार्ग दर्शक हैं। आपके सहयोग की कामना हमेशा करता रहूँगा। अब आप ब्लॉग  की वर्षगांठ पर "शिरडी साईँ बाबा " की आरती को पढ़िए। इसको पढना ही प्रार्थना करना है। नवसंवत्सर में "साईं बाबा "  आप और हम ,सबका कल्याण करें। 

 
सभी चित्र गूगल से साभार 

आओ साईं नाथा , आओ साईं नाथा ,
मेरे मन मंदिर में बसों साईं नाथा .
मुझको  अपने शरण में ले लो साईं नाथा
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा ! 

ज्ञान हीन,  भक्ति  हीन, तंत्र मंत्र हीन मैं
क्या करूँ, कैसे पूजूं , समझ नहीं आता
निज इच्छा करो कृपा दयामय दाता    
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

दीनबंधु करुनासिंधु भक्त पीड़ा हन्ता
तुम ही बंधू, तुम ही सखा, तुमही माता-पिता
जग में  सभी  भीखारी है   दाता   साईं नाथा
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

तुम्ही हन्ता तुम्ही पालक तुम्ही रचयिता
तुम्ही हर तुम्ही हरि तुम ही हो  विधाता  
जग में  तेरी इच्छा से ही सब कुछ होता
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

जप तप हीन मैं कुछ नहीं आता
अहर्निशी अनगिनित गलती मैं करता
माफ करो गलती मेरे तुमहो विधाता
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

लीला धर  लीला हेतु फकीर  रूप  धरा
तेरी कृपा पाकर रंक कुबेर बन गया
जो  जैसा  मागें  वह  वैसा  ही  पाता
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

राजा या रंक हो  साधू या संत हो ,
साईं तेरी दरवार में सदा  चाकरी   करता
तुही प्रेरणा तुही कर्ता  तुही फल  दाता
 साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !

दुःखहारी  भयहारी  पीड़ा हारी  साईं
मेरी पीड़ा हरो तुम अन्तर्यामी साईं
कोई नहीं और मेरा किस से कहूँ  व्याथा
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !




फल-फूल, दुर्बा-दल  से पूजूं साईं नाथा
पञ्च नदी जल मैं कहो कहाँ से लाता
अश्रु जल से चरण तुम्हारे धोउं साईं नाथा
साष्टांग प्रणाम तुम्हे मेरे साईं नाथा !


Rachna : Kalipad "Prasad"    (कालीपद "प्रसाद ")
© All rights reserved


 

  

59 comments:

  1. ढेर सारी बधाइयाँ आपको
    बाबा को नमन

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    1. खुश रहो बेटे ,बाबा तुम्हारा कल्याण करे !

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  2. बहुत ही सुन्दर आरती,बाबा सबकी मनोकामनाएँ पूरी करें.

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  3. बधाई
    सतत लेखन की शुभकामनायें

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  4. ब्लॉग के एक वर्ष पूरा करने पर बधाई और शुभकामनायें ॥

    आरती बहुत अच्छी लगी

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  5. ब्लॉग के एक वर्ष पूरा करने पर बधाई और शुभकामनायें ॥

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  6. ब्लॉग के एक वर्ष पूरा करने पर बधाई और शुभकामनायें ॥

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  7. ब्लॉग की वर्षगाँठ की ढेर सारी बधाई....
    आशा है यूँ ही आपका लेखन जारी रहेगा और हम पाठक इसका रस लेते रहेंगे...
    बाबा की आरती पढ़ मन प्रसन्न हो गया..
    सादर
    अनु

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  8. ॐ साई ॐ साई ॐ साई राम ॐ ........
    बहुत-बहुत बधाई !!
    ढेरों शुभकामनायें ..............

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  9. आपको बहुत बहुत बधाई !

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  10. आपके ब्लॉग के एक साल पूरा होने पर हार्दिक बधाई !!
    सादर आभार !!

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    1. आभार पूरण खंडेलवाल जी !

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  11. जय साईं नाथ
    बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें

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  12. ब्‍लॉग के एक वर्ष पूरे होने पर बहुत-बहुत बधाई ... आपको
    सादर

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  13. ॐ साईं राम | बहुत अच्छा लेखन | साईं कृपा सभी पर ऐसे ही बरसती रहे और सभी जन का जीवन मंगलमय हो | आभार

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  14. साईं कृपा से आपने एक वर्ष देखते देखते ही पार कर लिया ...
    आगे भी कृपा बनी रहे ... बधाई ..

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    1. आभार दिगंबर नासवा जी !

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  15. बस सांई की कृपा बनी रहे,लेखन यूँ निर्बाध चलता रहे,ब्लागिंग करते एक वर्ष पूरा करने के लिए बधाई शुभकामनाए,,,

    RECENT POST : क्यूँ चुप हो कुछ बोलो श्वेता.

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    1. आभार धीरेन्द्र सिंह जी !

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  16. देवी कात्यायिनीमाता-दिवस की वधाई ! बाबा साईनाथ की जय !!
    ब्लॉग की वर्षगांठ की वधाई !!
    भक्ति-भावना-पूर्ण भजन के लिये शुभकामना !!

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    1. आभार देवदत्त प्रसून जी !

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  17. बधाई और शुभकामनायें

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    1. आभार अजीज़ जौनपुरी जी

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  18. सुन्दर भाव और व्यंजना लिए है आरती .

    सबसे पहले खुद का परिचय हो फिर ईश्वर का .मैं एक ज्योति स्वरूप आत्मा हूँ .चैतन्य परमात्मा निराकार शिव का शिवत्व ,शान्ति ,आनंद ,ज्ञान ,प्रेम मेरा मूल स्वभाव है और आवास है पर लोक /ब्रह्मलोक /मुक्ति धाम /परमधाम .

    वाही परमात्मा शिव का स्थाई आवास है .नेचुरल हैबिटाट है .शिव परमात्मा का गुण वाचक नाम है ,जो सदा ही चैतन्य है सुख करता है अजन्मा है ,गुण ज्ञान शान्ति का सागर है वाही निराकार ज्योति स्वरूप शिव परमात्मा हम आत्माओं का आत्मिक पिता है .ज्ञान दाता.ब्रह्मा -विष्णु -महेश उसकी रचना हैं ,वह रचता है इसीलिए त्रिपुरारी भी कहाता है .सर्वत्र उसी का गायन है रामेश्वरम से लेकर अमर नाथ तक मक्का से मदीना तक ,येरुशलम भी उसी से तीर्थ कहाता है .बोध गया भी .उसी से योग आत्मा को संपुष्ट करता है .ॐ शान्ति .

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    1. बहुत अच्छा व्याख्या, आभार वीरेंद्र कुमार जी

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  19. ब्लॉग जयंती मुबारक .

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    1. आभार वीरेंद्र कुमार जी

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  20. बधाई और ब्लॉग एवं आपके लिए अनंत शुभकामनाएं कालीपद जी!!

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  21. हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

    रामराम.

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    1. आभार ताऊ रामपुरिया जी !

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  22. बहुत बधाई और शुभकामनायें !

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  23. बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें!

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  24. ॐ साईं राम ,बहुत बहुत बधाई आपको

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  25. bahut bahut badhai........ aapka blog shatak ki or badhe...

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  26. बधाई और हार्दिक शुभकामनायें ॐ साईं राम

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    1. आभार अजीज़ जौनपुरी जी

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  27. bas isi saflta se hm sabhi ko aapki lekhni ka asheervaad milta rhe!

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  28. आभार धीरेन्द्र अस्थाना जी!

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  29. बधाई माँ सरस्वती की सेवा और आशीर्वाद बना रहे ....

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  30. ॐ साईं | सबका मालिक एक

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  31. बहुत बहुत बधाई ब्लांग का ये सफर यू ही चलता रहे ..

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