Sunday, 18 September 2016

दोहे - (हिन्दी)

अर्ज करो भगवान से, वे हैं बड़े महान |
सफ़ल करे हर काम में, सबको देते ज्ञान ||

गए नहीं गर स्कूल तुम, आओ मेरे पास |
उन्नति होगी वुद्धि की, छोडो ना तुम आस ||

वर्णों का परिचय प्रथम, बाकी उसके बाद |
याद करो गिनती सही, होगे तुम आबाद ||

पढ़ो लिखो आगे बढ़ो, करो देश का नाम |
पढ़ लिख कर सब योग्य बन, करना विशेष काम ||

कभी नष्ट विद्या नहीं, होता है तू जान |
अनपढ़ लोगों के लिए, दुर्लभ होता ज्ञान ||

‘अ’ से अजगर ‘क’ से कलम, तनो ’त’ से तलवार |
सरहद पर जो हैं खड़े, कर रिपु का संहार  ||

योद्धा कभी न मानता, रण में अपनी हार

रक्षक हो तुम देश के, हो तुम अग्नि कुमार ||

कालीपद 'प्रसाद'

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (19-09-2016) को "नमकीन पानी में बहुत से जीव ठहरे हैं" (चर्चा अंक-2470) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. bahut behtarin sarthak rachana...

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