Monday, 27 January 2014

वसन्त का आगमन !



                                                


पलास का सिंदूरी लाल फुल, .......यह सुचना दे रहा है 
                         ऋतुराज वसन्त आ रहा है |

वासंती हवा कानों को छूकर,          आहिस्ता आहिस्ता फूस फुसाकर 
                 वसन्त का आगमन का सन्देश दे रहा है |

धरती कर रही है श्रृंगार प्यार से,         नए फुल, नवांकुर,किसलय से
                  गुन  गुनाकर भौंरें स्वागत गीत गा रहे हैं  |  
  
सोलह श्रृंगार धरती का,                     अल्हड़ उन्माद यौवन का 
                        अधैर्य स्वागत कर रहा है |    
                                        

 
तितलियाँ घूम घूमकर,                      स्वागत सज्जा देख रही है 
              रंग विरंगे फूलों में अपना रूप निहार रही है |

मकरन्द के प्याषी तितलियाँ               चूम चूमकर गुल  को    
                             प्यार का इज़हार कर रही है |


कोयल का मधुर गान                          अचेतन रति पति पर 
                        काम रसायन ढाल रहा है|

चिड़ियों की चहक,फूलों की महक            अलियों का गुंजन
                          अंतर्मन  को गुद गुदा रहा है |
                                        

इन्द्र धनुषी मोहक रूप धरा का              दिल में उल्लास भर रहा है 
                     लाल पीले रंग अनंग को जगा रहा है |


    कालीपद "प्रसाद "
© सर्वाधिकार सुरक्षित

                      

     

23 comments:

  1. कमाल है!
    चुन-चुन कर शब्दों का आपने प्रयोग किया और क्या सुंदर संदेश देती रचना है यह!!
    लाजवाब!!!

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  2. मन मयूर झूम गया
    बेमिसाल अभिव्यक्ति

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  3. वसंत के शुभागमन की उद्घोषणा बहुत सुंदर कृति से दी है आपने ! बहुत ही उत्कृष्ट रचना !

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  4. खूबसूरत रंगों को देख के लग रहा है की बसंत आ गया ... सुन्दर मनभावन शब्द ...

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  5. आ० बहुत सुंदर शब्दों से अलंकृत आपकी रचना , धन्यवाद
    नया प्रकाशन -: जाने क्या बातहै हममें कि हमारी हस्ती मिटती नहीं !

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  6. बहुत सुन्दर और वसंत की तरह मनभावन प्रस्तुति...

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  7. वसंत के आगमन की बहुत सुंदर अभिव्यक्ति.

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  8. sateek abhivyakti....bahut sundar

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  9. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन तुम भूल न जाओ उनको, इसलिए कही ये कहानी - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. आपका बहुत बहुत आभार !सुचना के लिए धन्यवाद |

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (28-01-2014) को "मेरा हर लफ्ज़ मेरे नाम की तस्वीर हो जाए" (चर्चा मंच-1506) पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आपका बहुत बहुत आभार !सुचना के लिए धन्यवाद |

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  11. अलियों का गुंजन अंतर्मन को गुदगुदा रहा है .....अनुपम ......

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  12. प्रकृति हो जायेगी अब रंग बिरंगी

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  13. बसंत का आगमन...खुशनुमा रंग...

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  14. बहुत सुन्दर रचना.....
    वसंत की आमद की शुभकामनाएं...............
    सादर
    अनु

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  15. ऋतुराज वसंत के आगमन की सुन्दर छटा बिखेर दी आपके इन शब्दों ने .... लाज़वाब रचना

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  16. wah sundar prakirti ka varnan....man prasan ho gaya padh kar

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  17. बसंत बहार हो गए ,प्रकृति के संग गुलजार हो गए,अति सुन्दर

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  18. बहुत सुन्दर वासंती रंग बिखरा है ..

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  19. वसंत के आगमन का सुन्दर चित्रण !

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