इश्क उसने किया,सन्देश मुझे मिला
इश्क मैं ने किया सन्देश उन्हें न मिला !
वो खमोश थी ,उन्हें तारीफ़ मिली
मैंने इज़हार किया ,मुझे दुत्कार मिला |
निगाहों निगाहों में पैगाम भेजती थी वो
पैगाम को पढना चाहा ,निगाह का ताड़न मिला .
शोख़ अदाओं की मलिका है वह ,नाजुक ,कमसिन है
तारीफ़ के कसीदे पढ़े हमने ,कोई इनाम न मिला |
नाज़ुक दिल है उनका ,कमल सा कोमल बदन है
सुना था मैंने भी ,सबुत कोई न मिला |
सुरमा लगी आँखें ,लाल जादुई पिया का लब
भेजा था न्योता उसने ही ,पता नहीं किसको मिला |
इश्क में तड़पना ,धोखा खाना आम बात है
खुश नशीब हो "प्रसाद "उनसे इनकार तो न मिला |
कालीपद "प्रसाद "
सर्वाधिकार सुरक्षित
इश्क मैं ने किया सन्देश उन्हें न मिला !
वो खमोश थी ,उन्हें तारीफ़ मिली
मैंने इज़हार किया ,मुझे दुत्कार मिला |
निगाहों निगाहों में पैगाम भेजती थी वो
पैगाम को पढना चाहा ,निगाह का ताड़न मिला .
शोख़ अदाओं की मलिका है वह ,नाजुक ,कमसिन है
तारीफ़ के कसीदे पढ़े हमने ,कोई इनाम न मिला |
नाज़ुक दिल है उनका ,कमल सा कोमल बदन है
सुना था मैंने भी ,सबुत कोई न मिला |
सुरमा लगी आँखें ,लाल जादुई पिया का लब
भेजा था न्योता उसने ही ,पता नहीं किसको मिला |
इश्क में तड़पना ,धोखा खाना आम बात है
खुश नशीब हो "प्रसाद "उनसे इनकार तो न मिला |
कालीपद "प्रसाद "
सर्वाधिकार सुरक्षित




